नेशनल न्यूज रिपोर्ट्स, पटियाला
सोमवार रात शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी पटियाला पुलिस ने 12 घंटों के भीतर ही सुलझा ली है। इसके साथ ही सीमा पार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के इशारे पर संचालित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है तथा इस मॉड्यूल से जुड़े 4 पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की गई है। यह खुलासा पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल और जिला पुलिस प्रमुख वरुण शर्मा ने पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया।
कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी वैभव चौधरी की निगरानी में टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को काबू किया। उनकी पहचान मानसा निवासी परदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह, तरनतारन निवासी सतनाम सिंह सत्ता तथा तरनतारन के गोइंदवाल गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई।
डीआईजी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जो उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से हासिल किया था। बरामद सामग्री में एक बम, 2 पिस्तौल सहित जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में प्रयुक्त सामग्री तथा मलेशिया में बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
डीआईजी चाहल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना परदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर “चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए” नामक संगठन चला रहा था। वह विदेश में मलेशिया स्थित खालिस्तानी उग्रवादी समूहों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। उन्होंने बताया कि इनका मकसद पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करना और दहशत का माहौल पैदा करना था, जिसके लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा इन्हें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मुहैया कराए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि 27 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:55 बजे इनके साथियों ने शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर बम विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। डीआईजी ने कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थकों से उनके संबंधों और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच की जा सके। एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि इस आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारी से पंजाब में संभावित बड़ी वारदातों को रोका गया है, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।


