महानगर लुधियाना की सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम हाउस में हाल ही में 1145 करोड़ रुपये का टेंडर पास किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। काउंसलर पति एवं पूर्व पार्षद हरविंदर सिंह कलेर ने इस प्रस्ताव पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे संभावित बड़े घोटाले की ओर इशारा बताया है। कलेर ने आरोप लगाया कि यह टेंडर दिल्ली के इशारे और सरकार के दबाव में पास किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने से बड़ी संख्या में सफाई सेवकों और कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है, क्योंकि कोई भी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी अपने लाभ के अनुसार ही कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। उन्होंने बताया कि नए प्रस्ताव के तहत 3400 रुपये प्रति टन के हिसाब से टेंडर लगाया गया है, जो पहले के रेट से 5 से 6 गुना अधिक है। ऐसे में बड़े स्तर पर सांठगांठ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कलेर ने कहा कि निगम हाउस में जोरदार विरोध के बावजूद सरकार के प्रतिनिधियों पर कोई असर नहीं पड़ा, जिससे यह आशंका और गहरा जाती है कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक नगर निगम को लूट का अड्डा बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक बड़ी नामी कंपनी के साथ उच्च स्तर पर डील की चर्चा है और आम जनता के टैक्स के पैसे को निजी कंपनी के हवाले करने की योजना बनाई जा रही है। कलेर ने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास इस टेंडर के लिए पर्याप्त फंड है और क्या यह प्रोजेक्ट एक साल में पूरा हो सकेगा? उन्होंने कहा कि समय आने पर पूरा सच जनता के सामने आएगा, लेकिन यह प्रोजेक्ट सफाई कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।



