लुधियाना के ताजपुर रोड स्थित किशोर नगर की गली नंबर 1 के रहने वाले पार्षद अनिल भारद्वाज ने पार्टनर पर जाली दस्तावेजों के जरिए उनकी फर्म के नाम का बैंक खाता खुलवाकर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। थाना सराभा नगर की पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला का नाम हरप्रीत बराड़ है, वह सराभा नगर की रहने वाली है। अनिल भारद्वाज का कहना है कि उनका फर्नीचर का कारोबार है। उन्होंने आरोपी हरप्रीत बराड़ के साथ मिलकर मैसर्ज वॉग लॉग के नाम से मैन्यूफैक्किरिंग, ट्रेडिंग, इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट ऑफ हाउस होल्ड एवं कमर्शियल फर्नीचर का बिजनैस शुरू किया था। एक अगस्त 2022 को उन्होंने डीड लिखी थी, जिसकी शर्तों के मुताबिक वह दोनों बिजनैस में 50 प्रतिशत के बराबर के हिस्सेदार थे। इसके लिए उन्होंने गांव बद्दोवाल, झांडे, रेलवे स्टेशन के नजदीक जगह भी किराए पर ली थी। भारद्वाज का कहना है कि बिजनैस शुरू करने के लिए उन्होंने 26 लाख रुपए कच्चा माल खरीदने और अन्य खर्चों के लिए लगाए थे।
जिसके बाद उनका कारोबार बड़े स्तर पर चलने लगा। जिसे देख कर आरोपी महिला की नीयत बदल गई और उसने उसे हिसाब-किताब बताना बंद कर दिया। जब उन्होंने अपने स्तर पर खातों की जांच की तो 6 मार्च 2023 की एक बिल्टी के बारे में पता चला। आरोपी ने उसे बिना बताए फर्नीचर डी लादर टैम्पो टरांसपोर्ट रिसोर्ट प्राइवेट लिमिटिड को भेज दिया। जब उन्होंने हरप्रीत बराड़ से बात की तो उसने उसे धमकियां देनी शुरू कर दी। भारद्वाज के मुताबिक उन्होंने इस बारे में मैसर्ज लग्जरी रिसोर्ट प्राइवेट लिमिटिड के मालिक से भी बात की लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। अनिल का कहना है कि इसके बाद उन्हें पता चला कि आरोपी हरप्रीत बराड़ ने उनकी फर्म मैसर्ज वॉग लॉग का एक बैंक खाता सराभा नगर स्थित एसबीआई की ब्रांच में बैंक कर्मियों की मिलीभगत से जाली दस्तावेजों के जरिए खुलवाया है।
उनका यह भी आरोप है कि आरोपी ने 17/18 मार्च 2023 को उसे बिना बताए फैक्टरी से फर्नीचर उठाकर अपनी रिहायश पर ले गई और फिर उस फर्नीचर को होम स्टोरी नाम की फर्म का मार्का लगाकर 50 से 60 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपी महिला उनकी फर्म के बिलों का गलत इस्तेमाल कर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने और फर्जी ईकरारनामा तैयार करने की कोशिश कर रही है। अनिल का कहना है कि उसने एक दीवानी केस भी आरोपी के खिलाफ अदालत में किया, जिस पर उन्हें अदालत ने स्टे दिया। अनिल का कहना है कि इसके बावजूद आरोपी उसे न तो फर्म में जाने दे रही है और न ही खाते ही चैक करने दे रही है। उन्होंने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी। जिस पर एसीपी (फाइनांशियल क्राइम) ने जांच की। जांच के बाद ही आरोपी महिला पर मामला दर्ज हुआ।



