पंजाब के लुधियाना में आज डॉ. कोटनीस एक्यूपंचर अस्पताल, सलेम टाबरी द्वारा चलाए जा रहे ड्रग डी-एडिक्शन अवेयरनेस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पंजाब की युवा पीढ़ी को सिंथेटिक नशे, विशेष कर चिट्टे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए अस्पताल के मुख्य सचिव इकबाल सिंह गिल आईपीएस के द्वारा आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य डा. दिनेश उपाध्याय को एक मांग पत्र सौंपा गया। इस पत्र में नशों से होने वाले दुष्प्रभावों तथा इससे कैसे बचा जाए के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह तथा जसवंत सिंह छापा (प्रधान सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट लुधियाना) के द्वारा पंजाब की युवा पीढ़ी को चिट्टे के नशे से बचने के लिए विशेष सुझाव डॉ दिनेश के साथ सांझा किए। गौरतलब है कि डा. दिनेश आज पंजाब योग ध्यान उत्सव जिसे गुरु नानक भवन में आयोजित किया गया है, उसमें मुख्य अतिथि के रूप में लुधियाना आए थे। जसवंत सिंह छापा के द्वारा डॉ दिनेश को एनडीपीएस एक्ट में संशोधन करने की सरकार से अपील करने की गुजारिश की गई। जिसके अंतर्गत दो बोतल शराब रखने पर कोई पाबंदी नहीं है परंतु 5 ग्राम अफीम या आधा किलो भुक्की रखने पर एनडीपीएस एक्ट की धाराएं लागू होती हैं।
जबकि इन तीनों सामग्रियों में नशे की मात्रा एक समान है। डॉ इंद्रजीत सिंह ने यह बताया की सिंथेटिक नशे से युवाओं को बचाने के लिए पहले उन्हें रिवायती नशे के द्वारा इलाज करके उसके उपरांत ही नशा मुक्ति की राह पर लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस विषय में पंजाब के विभिन्न मंत्रियों जैसे कि भगवान सिंह मान, बलबीर सिंह और विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा आदि को भी मांग पत्र सौंपा गए हैं। जिनकी रहनुमाई में पंजाब में नशा मुक्ति का काम बड़े ही सुचारु ढंग से चल रहा है। डॉ. दिनेश के द्वारा इन मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा आयुष मंत्रालय के प्रमुख मंत्री प्रताप राव जाधव तक पहुंचाने का विशेष रूप से आश्वासन दिया गया।




