जगमीत सिंह, लुधियाना
भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करती है। जब भी इस पार्टी की सरकार केंद्र में सत्ता में आई, विभिन्न धर्मों के लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी। 1984 में जब कांग्रेस पार्टी केंद्र में सत्ता में थी, तब पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने देश भर में रहने वाले सिख पंजाबियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। लंबे समय तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद, सिखों को न्याय नहीं मिल सका। सिखों की बार-बार अपील और दलीलों के बावजूद, कांग्रेस ने उस फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह विचार भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पैनलिस्ट गुरदीप सिंह गोशा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब से देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई, सिखों के मसले हल हुए, लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे सिखों को केंद्र में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सिख पंजाबियों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर एक-एक करके हल करना शुरू कर दिया। गोशा ने कहा केंद्र की भाजपा सरकार ने सबसे पहले सिखों के हत्यारों को सख्त सजा दिलाई। जिन हत्यारों को कांग्रेस पार्टी लंबे समय से बचाती आ रही थी। उनको जेलो में भेजा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान राज्य में मारे गए लगभग 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, जिसे भाजपा ने अपना प्राथमिक कर्तव्य समझा। गोशा ने कहा कि जो विपक्षी दल भाजपा को पंजाब, पंजाबी और खासकर सिख विरोधी बताते थे, आज उन विरोधियों के मुंह पर करारा तमाचा है।



