जम्मू से पंजाब तक बिना लोको पायलट के मालगाड़ी 78 किलोमीटर तक पटरी पर दौड़ी। अब इस मामले में रेलवे के 6 लोगों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इसमें स्टेशन मास्टर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, पॉइंटमेन और लोको इंस्पेक्टर शामिल हैं। बता दें रविवार को जम्मू कश्मीर के कठुआ से एक डबल इंजन मालगाड़ी बिना लोको पायलट के पटरी पर दौड़ पड़ी। पटरी पर दौड़ती-दौड़ती ये ट्रेन पंजाब के पठानकोट पहुंच गई।

घटना का पता चलने पर ऊंची बस्सी और कठुआ रेलवे स्टेशनों पर मंडल के उच्चाधिकारियों ने पहुंच कर मामले की जांच शुरू की। इसके बाद इसे रोकने के लिए ट्रैक पर पत्थर लगाए गए। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की बात सामने नहीं आई है। एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
बता दे कि रविवार सुबह जब यह ट्रेन कठुआ से बिना ड्राइवर और बिना गार्ड के चली तो रेलवे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। रेलवे प्रशासन द्वारा हर तरह से उस ट्रेन को रोकने की कोशिश शुरू हो गई। फुल स्पीड पर दौड़ रही गाड़ी ने तकरीबन 78 किलोमीटर का सफर तय किया। जब यह ट्रेन फुल स्पीड से दौड़ रही थी तो रेलवे प्रशासन की ओर से उसे रोकने के लिए तरह-तरह के प्रयास किया जा रहे थे।
जिसे रेलवे प्रशासन ने प्रयास करके दसुआ के ऊची बस्सी रेलवे स्टेशन पर रोक लिया। लेकिन जब तक यह ट्रेन भागती रही तब तक रेलवे अधिकारियों की सांसे अटकी रही। इस प्रकार की घटना से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। उस ट्रेन के आगे दो इंजिन जोड़े गए थे। उनमें से एक इंजिन बंद था, जबकि दूसरा इंजिन चालू था। जिसके कारण यह ट्रेन कठुआ से अपने आप चल पड़ी। किसी हादसे को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से अन्य सभी गाडियों को रोक कर उस मालगाडी का ट्रैक क्लियर कर दिया था। लुधियाना से एचएस गलहोत्रा की रिपोर्ट।



