वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू की पंजाब की राजनीति में वापसी ने पार्टी के भीतर बढ़ती दरार को उजागर कर दिया है। सिद्धू मालवा में आठ हजार कार्यकर्ताओं की रैली करने के बाद अब दोआबा व माझा में भी अलग अखाड़ा लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है। इस बीच सिद्धू के निकटवर्ती गौतम सेठ की शिकायत पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब इकाई से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मंगवा ली है। सिद्धू के खिलाफ प्रताप सिंह बाजवा के भाषण के अलावा रैली की अन्य जानकारी मांगी गई। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के कारण हाईकमान ने अभी तक पंजाब से किसी नेता को दिल्ली नहीं बुलाया है लेकिन कांग्रेस हाईकमान किसी समय भी स्थानीय लीडरशिप व सिद्धू को दिल्ली बुला सकती है।



