
दरअसल, वहां जिस तरह से केंद्रीय चुनाव समिति की पहली मीटिंग में हुई गरमा गरमी के बीच सोनिया गांधी को खुद कमान संभालनी पड़ी, उसके बाद वहां कुछ टिकट कटे, जिसके चलते कुछ नाराजगी सामने आई, उसे देखते हुए पार्टी कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। इसके अलावा, सोनिया गांधी के पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही आधी रात को संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल राजस्थान के अहम नेताओं के साथ मीटिंग करते हैं, वह भी काफी कुछ इशारा करता है। इस मीटिंग की तस्वीर खुद सीएम गहलोत ने सोशल मीडिया पर जारी की। इसमें वेणुगोपाल के साथ गहलोत, पायलट, राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश के सीनियर नेता भंवर जीतेंद्र सिंह जैसे नेता शामिल थे। मीटिंग के जरिए कांग्रेस अपनी पार्टी के वर्कर्स व समर्थकों के साथ-साथ वोटर्स सहित सभी को एकजुट होने का संकेत दे रही है। हालांकि पोस्टर्स में इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां दोनों नेता साथ नजर आ रहे हैं। रैली में इसकी शुरुआत होगी। कांग्रेस कुछ उसी तरह का संकेत देना चाहती है, जैसे पिछले चुनाव में दोनों मोटरसाइकिल पर साथ प्रचार करते दिखे थे



